देश में समुदाय आधारित इकाइयां बनाई जायें.

जाति आधारित जनगणना होने जा रही है. पक्ष-विपक्ष में वाद-विवाद जारी है. देश की दशा बहुत चिन्तनीय होती जा रही है. विघटन से बचाने के लिये अब एक ही उपाय है कि सामुदायिक आधार पर इकाइयां बनाई जायें जिसमें शासन-प्रशासन-नौकरी-व्यवसाय विशेष क्षेत्र में समुदाय विशेष के लिये ही हो. अपना क्षेत्र, अपना शासन, अपना व्यवसाय, अपनी नौकरी, अपना जीना, अपना मरना. आरक्षण-जाति-धर्म के आधार पर वोट बैंक की राजनीति एक ही झटके में खत्म हो जायेगी.

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