अस्सी वर्षीय वृद्ध ने रचाई चौथी शादी और अब इकतीसवें बच्चे का इच्छुक

नीचे एक खबर ज्यों की त्यों दी जा रही है,. कृपया इसे पढ़ें. आभार :- आईबीएन खबर.

असम के हुसैन अली भले ही 80 साल के हो गए हों लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर भी वह पूरी तरह सेहतमंद हैं। पेशे से किसान अली के पहले ही 30 बच्चे हैं और अब वह 31वें बच्चे के पिता बनने जा रहे हैं।
अली की चार पत्नियां हैं और उनकी तीसरी पत्नी मां बनने वाली हैं। वह अपने इस विशाल परिवार से बेहद खुश हैं। अली कहते हैं, "यह सब खुदा का तोहफा है और मैं हमेशा भरा-पूरा परिवार चाहता था। "
गुवाहाटी से 370 किलोमीटर पूर्व में स्थित लखीमपुर जिले के मोहखाली के रहने वाले अली कहते हैं, "किसी के बारे में उसकी लंबाई या वजन देखकर ही धारणा मत बनाइए। मैं दिल से अब भी जवान हूं, हालांकि अब मैं किसी और से शादी करने नहीं जा रहा हूं लेकिन 31वें बच्चे का बाप बनने की उम्मीद मुझे खुश करती है। "
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें अपने सभी बच्चों के नाम याद हैं? अली थोड़ा गुस्सा होकर अपने बच्चों के नाम गिनाना शुरू करते हैं लेकिन 15 बच्चों के नाम गिनाने के बाद वह भूल जाते हैं।
अली कहते हैं कि इस समय भले ही वह नाम भूल गए हों, लेकिन चेहरा देखते ही उन्हें याद आ जाएगा।
उन्होंने कहा कि बड़े परिवार से उन्हें कोई परेशानी नहीं होती। उनकी चारों पत्नियां बहुत अच्छी हैं और उनका बहुत देखभाल रखती हैं।
अली का सबसे बड़ा बेटा 40 साल का है। अली की चारों पत्नियां उन्हें बेहद जिम्मेदार पति और जिम्मेदार पिता मानती हैं और कहती हैं कि वह सभी बच्चों के साथ एक समान व्यवहार करते हैं।
आठ बेटों और तीन बेटियों की मां और अली की पहली पत्नी मेहरुन निशा कहती हैं कि वह बेहद भले इंसान हैं। एक ही परिसर में अली की चारों पत्नियां अलग-अलग घरों में रहती हैं।
अली कहते हैं कि उनकी पत्नियों और बच्चों को उनसे कोई शिकायत नहीं है। उनके 15 संतानों की शादियां हो चुकी हैं। 

इस पर विद्वत जनों के विशेषत: मुस्लिमों के विचार जानने का आकांक्षी हूं. चार शादियां, तीस बच्चे. निजी कानून की आड़ में क्या यह प्राकृतिक संसाधनों के साथ खिलवाड़ नहीं है, क्या यह महिलाओं के अधिकारों के प्रति धोखाधड़ी जैसा नहीं है. यदि संविधान ने कहीं कोई व्यवस्था की है तो यह उस व्यवस्था के साथ खिलवाड़ नहीं है. कुछ अधिक नहीं लिखना चाहता, कृपया पढ़ें और बतायें.

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