चित्र पहेली का उत्तर कुछ अन्य चित्रों के साथ


पिछले फोटो में आप लोगों ने सही पहचाना. वसूली ही हो रही थी. राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर जगह यही आलम है. अब वसूली के लिये कुछ लोग पाल लिये जाते हैं ताकि पकड़े जाने पर सारा दोष उन किराये के टट्टुओं पर मढ़ दिया जाये. रोजाना हजारों ट्रक-टैम्पो निकलते हैं चौथ देते हुये. कहीं पुलिस वाले, कहीं सचल दल-परिवहन विभाग वाले खड़े रहते हैं. कई बार लम्बे जाम लग जाते हैं. बड़े-बड़े नेताओं, अधिकारियों और प्रेस का बिल्ला लगी न जाने कितनी गाड़ियां निकलती गयीं आंख मूंदकर. शायद अब यही हमारी संस्कृति और शिष्टाचार बन गयी है.


हजारों ओवरलोडेड ट्रक काल बनकर सड़कों पर रोज दौड़ते हैं. जब कोई बड़ी दुर्घटना हो जाती है तो राज्य के सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और परिवहन विभाग वालों के बयान आने लगते हैं और दो-चार दिन थोड़ा बहुत दिखावा कर लिया जाता है और फिर एक बड़ी दुर्घटना की प्रतीक्षा होने लगती है. फिर मरने वालों को इतना और घायलों को इतना मुआवजा दे दिया जाता है और लोकतन्त्र इन्हीं ओवरलोडेड ट्रकों पर फर्राटा भरने लगता है. कल कुछ चित्र और प्रस्तुत करूंगा.

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