सात मौतें ज्यादा बड़ी हैं या एक व्यक्ति की दूसरी शादी?
आप लोग जवाब दें मेरे इस सवाल का कि दो बम धमाके, सात मौतें और पचास घायल ज्यादा बड़े हैं या एक उद्योगपति की दूसरी शादी। कल इन धर्म-निरपेक्षिया चैनलों के पास इतना समय नहीं था कि असम में हुए दो बम धमाकों, उनमें मारे गए सात व्यक्तियों और पचास घायलों के ऊपर तवज्जो दे पाते, क्योंकि उनके पास राज कुंद्रा की दूसरी बीवी शिल्पा के लहंगे और गहनों को दिखाने से ही फुरसत नहीं थी। मुझे नहीं पता कि इन धमाकों में हिन्दू मारे गए या मुसलमान, मैं बस इतना जानता हूँ कि सात इंसान मारे गए, जिनके घर होंगे, बच्चे होंगे, जिनके मारे जाने परउनके घरवालों को, उनके बीवी बच्चों को उतनी ही तकलीफ हुई होगी, जितनी कि हमें होती है। बात इतनी सी है कि इन धमाकों में न तो कोई पत्रकार, न नेता और न अफसर काम आता है, अन्यथा ये कब के बंद हो गए होते... कोई और हो न हो मैं इन के गम में हिस्सेदार हूँ। मैंने अपने सहोदर खोये हैं, मेरे भारत के नागरिक शहीद हुए हैं।
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