आई०आई०टी० की प्रवेश परीक्षा में बैठने हेतु न्यूनतम कट-आफ बढाने का प्रस्ताव
आई०आई०टी० में प्रवेश हेतु इंटर मीडियट में अस्सी प्रतिशत अंक लाना आवश्यक होगा. वह छात्र जो किसी वजह से अस्सी प्रतिशत नहीं ला पायेंगे इस परीक्षा में बैठ नहीं पायेंगे. एक ओर जहां हाईस्कूल की परीक्षायें खत्म की जा रही हैं वहीं दूसरी तरफ इस तरह का प्रयोग. एक तो वैसे ही देश में शिक्षा सम्बन्धी सुविधायें न के बराबर हैं, ऊपर से ऐसी शर्तें. जब पहले ही केवल दो मौके दिये जाते हैं तब इस प्रकार की शर्त का कोई औचित्य समझ में नहीं आता. बल्कि मैं तो यहा तक कहूंगा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में शैक्षणिक योग्यता में साठ/सत्तर/अस्सी/नब्बे प्रतिशत न्यूनतम अंकों की सीमा नहीं होना चाहिये. यह जरूरी नहीं कि साठ प्रतिशत पाने वाला साल/दो साल में नब्बे प्रतिशत के बराबर नहीं आ सकता. दलित छात्रों के लिये विशेष तौर पर घातक. इससे बेहतर हो कि आरक्षण खत्म ही कर दें, आई०आई०टी० से. खैर ऊपर वाले तेरे हवाले पूरा देश.
Comments
Post a Comment