सभी भारतीयों को विशिष्ट नागरिक पहचान पत्र

इनफ़ोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलकेणी को सभी भारतीय नागरिकों को विशिष्ट पहचान पत्र देने की जिम्मेदारी दी गयी है. श्री नीलकेणी का दर्जा कैबिनेट मन्त्री का होगा. निश्चित रूप से यह देरी से उठाया गया अच्छा कदम है. बेहतर हो कि इस यूनीक आई कार्ड को मल्टी परपज आई कार्ड के रूप में पदस्थापित किया जाये तथा विभिन्न सूचनायें एक ही आई कार्ड के द्वारा उपलब्ध हो सकें. इसके लिये कृपया मेरी पुरानी पोस्ट देखें. लेकिन इसका लाभ तभी हो सकेगा जब इसको दलगत राजनीति से ऊपर जाकर लागू किया जा सके अन्यथा बांग्लादेशी घुसपैठियों को नागरिक का दर्जा देने की मांग करने वालों की यदि चली तो देश के मूल निवासियों को यह पहचानपत्र मिल पाये या मिल पाये, बांग्लादेशी घुसपैठिये जरूर इन पहचान पत्रों को पाने में कामयाब हो जायेंगे. एक अन्य बड़ी समस्या नौकरशाही से तथा इस महती योजना को घोटालों से बचाकर रख्नना है, यदि यह परियोजना सुषुप्त नौकरशाही तथा घोटालों से बच सकी तभी यह कामयाब हो सकेगी अन्यथा इस का हश्र भी मतदाता पहचानपत्र योजना की तरह होगा.

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