तीन कवियों और एक रंगकर्मी का निधन
पिछले दिनों तीन कवि और एक रंगकर्मी हमारे बीच नहीं रहे, ओम प्रकाश आदित्य, नीरज पुरी और लाल सिंह गुर्जर तथा हबीब तनवीर. हम सभी लोगों ने, जिन्होंने उन्हें सुन और देख रखा होगा, वे ही जान सकते हैं कि काव्य जगत तथा रंगमंच को कितनी क्षति पहुंची है. ब्लागर्स ने अपनी भूमिका निभाते हुये इन दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की. लेकिन धिक्कार है देश की मीडिया पर जिसके पास इन महान कवियों के लिये पांच मिनट का भी समय नहीं था. राष्ट्रीय मीडिया कहलाने वाले और सत्य को सामने रखने का दावा करने वाले इन तमाम खबरिया चैनलों के पास इतना समय भी नहीं था कि इन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकता, जबकि पुलिस कमिश्नर की कुतिया खोने पर घंटों बरबाद कर सकता है. यद्यपि हबीब साहब के ऊपर कुछ मिनट देकर खानापूरी कर दी.
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