बधाई हो, सादिक शेख बरी हो गया

बधाई हो, सादिक शेख बरी हो गया। कौन सादिक शेख, भूल गये! मैं याद दिलाता हूं, ११ जुलाई, मुम्बई, ट्रेन- कुछ याद आया। मुम्बई की लोकल ट्रेनों में हुये बम विस्फोटों को याद कीजिये जिसमें दो सौ से अधिक लोग मारे गये थे तथा ए०टी०एस० ने सादिक शेख को इन बम-विस्फोटों के लिये जिम्मेदार बताते हुये गिरफ्तार किया था तथा उस पर मुकदमा चलाया गया. यही सादिक शेख इन्डियन मुजाहिदीन का संस्थापक बताया जाता है. अब यह सिद्ध हो गया है कि ए०टी०एस० ने गलत आदमी को पकड़ा तो अब महाराष्ट्र सरकार का यह दायित्व बनता है कि ए०टी०एस० के सम्पूर्ण दल को (उप-निरीक्षक से लेकर मुखिया तक) सेवा से बर्खास्त किया जाये क्योंकि एक तो उन्होंने एक संभ्रान्त आदमी (जब क़ानून की नजर में निर्दोष है तो फिर संभ्रांत ही हुआ न) को पकड़ा, उसके लिये मानसिक वेदनायें दीं और उसकी जिन्दगी के कई वर्ष नर्क बना दिये, दूसरा उन्होंने दो सौ लोगों के हत्यारे को खुला छोड़ दिया. दूसरा अपराध तो पहले से भी अधिक गम्भीर है. देखना यह है कि अब सरकार क्या करती है???

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