सिखों के लिए दिल क्यों नहीं धड़क रहा?

पाकिस्तान में सिखों पर जुल्म ढाये जा रहे हैं, लेकिन आज किसी भी अल्पसंख्यक नेता और धर्म-निरपेक्ष समाजसेवी का दिल इन सिखों के लिए नहीं धड़क रहा, किसी के लिए भी कोई दर्द, कोई कसक, कोई चुभन नहीं महसूस हो रही। क्यों? क्या पाकिस्तान के सिख इंसान नहीं हैं, या सिर्फ इसलिए कि उनके लिए आवाज उठाने पर भारत में वोट (विशेषत: मुस्लिमों के क्योंकि अल्पसंख्यक अर्थात मुस्लिम) नहीं मिलेंगे। इसलिए आज हर धर्म-निरपेक्षी समाजसेवी, बुद्धिजीवी, पत्रकार, नेता, अल्पसंख्यक राजनीतिबाज सभी मुहं बंद किए बैठे हैं। आइये पाकिस्तान में सिखों पर हो रहे जुल्म का विरोध करें।

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