लालू और मुलायम की अभद्रता

लालू यादव और मुलायम सिंह यादव, एक राजद और दूसरा सपा का मुखिया, दोनों ही केन्द्रीय मन्त्री रह चुके हैं और इनसे अपेक्षा की जाती है कि यह लोग एक अनुशासित तथा जिम्मेदार व्यक्ति का आचरण करेंगे तथा अन्य सामान्य जनों को भी इनसे प्रेरणा मिलेगी। लेकिन इन लोगों ने जैसा व्यवहार पिछले दिनों मीडिया तथा चुनावकर्मियों के साथ किया उसे देखकर तो निराशा ही हुई। लालू यादव पत्रकारों को धकियाते दिखाई दिये तो मुलायम ने जसवन्तनगर में एक को थप्पड़ दिखाया और एक चुनाव कर्मी को धक्का दिया। क्या यह सब लोग नियम-कानूनों से ऊपर हैं, क्या एक आम आदमी लालू या मुलायम को धकियाये तो इन्हें बर्दाश्त होगा। क्या इनके ऊपर कोई चिल्लाये तो इनके समर्थक स्वीकार कर लेंगे। नहीं। फिर ऐसा क्यों है कि हमेशा आम ही चूसा जाता है? वह इसलिये कि आम बेवकूफ है जो इनकी असलियत जानकर भी अनजान बना रहता है या यों कहें कि जानना नहीं चाहता। यदि आम आदमी अब भी नहीं चेता तो आम की तरह चूसा ही जाता रहेगा, प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती.

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