पता नहीं कल रात मनजी को नींद आई या नहीं.
मुझे यह चिंता हो रही है कि पता नहीं कल रात मन जी सो भी पाये या नहीं और आने वाली रातों को कैसे सो पायेंगे। एक तो अभी-अभी सर्जरी हुई है, ऊपर से इतना भावुक ह्रदय पाया है मन भइया ने। याद है कि एक डॉक्टर को आस्ट्रेलिया में पुलिस ने पकड़ लिया तो मन भइया से सहन नहीं हो सका, बोले मुझे रात भर नींद नहीं आई। अब ऐसे भावुक ह्रदय व्यक्ति को कल कैसे नींद आई होगी, जब दिल्ली में कई लोग जहरीली शराब से मारे गए, उत्तर प्रदेश में नाव पलटने से चालीस-पचास लोग मरे और असम में रात बम धमाके हुए जिनमें दर्जनों लोग मारे गए। वैसे एक बहुत बड़ा खुलासा कर दिया है असम पुलिस ने कि इसमें उल्फा का हाथ है और जल्द ही गिरफ्तारी का दावा भी किया है। सजा दिलाने से इसका कोई सम्बन्ध मत जोड़ लीजियेगा, क्योंकि दोनों चीजें अलग-अलग हैं। पुलिस अपना काम करती है और क़ानून अपना। इसका सजा से क्या लेना-देना।
पड़ोस में भी रोज बम धमाके हो रहे हैं, कभी बीस तो कभी तीस और कभी पचास मारे जा रहे हैं। दर-असल इस तरह से वहां इस्लाम को जो खतरा है उसे दूर किया जा रहा है। अब अल-कायदा और लश्कर ने यह तय कर लिया है कि पहले अपने घर को सुधार लिया जाए। लड़कियों के पढ़ने-लिखने से जो खतरा हो रहा था उसे दूर किया ही जा रहा है स्कूलों को उड़ाकर, घर से बाहर अकेले निकलने पर जो खतरा उत्पन्न हो रहा है उसे भी लड़कियों को कोड़ों से पीट कर दूर किया जा रहा है। इसके अलावा और भी कई प्रकार से खतरों को दूर कर रहे हैं, जिनमें कई बार कुछ लोगों को जान से हाथ धोना पड़ जाता है। ऊपर से अमेरिका में एक सिरफिरे ने तेरह लोगों को मार डाला। इस बात की परवाह किए वगैर कि मन्नू भइया अर्थात मन जी के ह्रदय की अभी अभी शल्य चिकित्सा हुई है।
मुझे तो बहुत चिंता हो रही है इसलिए मैंने अपना परम उद्देश्य समझा आप लोगों के साथ अपनी चिंता को शेयर करना। आप लोग भी मेरी तरह मन जी की नींद के लिए प्रार्थना करें।
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