वरुण के भाषण से तकलीफ क्यों

वरुण गांधी ने ऐसा क्या कह दिया जो इतनी हाय-तौबा मच गई। जब मुलायम सिंह यह कहते हैं कि वह मुस्लिमों के विरुद्ध कोई काम नहीं करेंगे और देव-बंद जाकर मौलाना से मिलते हैं तो वह धार्मिक भावनाएं भड़काने में नहीं आता। जातियों का जहर घोलना भावनाएं भड़काने में नहीं आता। हिन्दू होने पर गर्व करना और हिन्दुओं पर आक्रमण होने पर उनकी रक्षा करने की बात करना जहर घोलना है। अगर वरुण यह कहते कि वह बाकी धर्म वालों पर हमला करेंगे तो उन्हें इसके लिए सजा मिलना चाहिए, लेकिन अपनी रक्षा की बात करने पर सजा क्यों। रही बात धार्मिक भावनाएं भड़काने की तो हर दल यही करता है। हर वह नैतिक-अनैतिक काम राजनीतिक दल करते हैं जिससे उन्हें वोट मिलें। टिकट तो जाति और धर्म के ऊपर ही दिए जाते हैं। जब सब कुछ जाति और धर्म पर चल रहा है तो वरुण को बलि का बकरा क्यों बनाया जा रहा है।

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