बार और पब तथा शराबखोरी के अन्य अड्डे बंद क्यों नहीं होना चाहिए

पिछले दिनों पब काण्ड पर बहुत बहस मुबाहिसे हुये, काफी लिखा पढा़ भी गया इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर. कुछ लोगों ने इसे खुलेपन पर हमला बताया, कुछ ने हिन्दू संस्कृति पर कुठाराघात और कई लोगों ने इसे तालिबानीकरण के रूप में भी प्रस्तुत किया गया. मेरा नजरिया इससे कुछ भिन्न है. मेरा यह मानना है कि बारों और पबों को बन्द कर देना चाहिये, बल्कि इनके अतिरिक्त वे सभी जगह जहां शराब परोसी जाती है बन्द कर देनी चाहिये. क्योंकि इन स्थानों पर लोग आते हैं, शराब पीते हैं और वापस जाते हैं. जाहिर है कि इनमें से अधिकतर व्यक्ति शराब के ही सुरूर में इन स्थानों से अपने घरों की ओर वापस लौटते हैं, कोई भी व्यक्ति चार-पांच घण्टे नशा उतरने का इन्तजार नहीं करता और नशे की हालत में ही सफर करता है. पब और बार उन व्यक्तियों के लिये तो ठीक हैं जो शोफर-ड्रिवन गाड़ी में चलते हैं, लेकिन ऐसे कितने लोग हैं. यह बिल्कुल सत्य है कि नशा तमाम बुराइयों की जड़ है, नशा मस्तिष्क को प्रेरित करता है, इसमें मौजूद तत्व दिमाग को अनियन्त्रित कर देते हैं और संवेगों को इस तरह उभार देते हैं कि इन्सान को अच्छे-बुरे का ज्ञान नहीं रह पाता. उसके ऊपर संवेग हावी हो जाते हैं. इन संवेगों के कारण मनुष्य बुरे से बुरे कामों को भी अंजाम देने से नहीं चूकता. अच्छे काम करने के लिये मनुष्य का नशे में होना आवश्यक नहीं होता लेकिन अधिकतर दुष्कर्मों को करते समय मनुष्य इसलिये नशा करता है कि उसके मस्तिष्क में से अच्छे-बुरे की सोच निकल जाये, उसे रोकने के लिये उसका विवेक न जागृत हो जाये. इसके अतिरिक्त नशे के दुष्परिणाम कई जघन्य अपराधों और सड़क एक्सीडेन्टों के रूप में भी सामने आये हैं. जेसिका लाल की हत्या एक ऐसे ही स्थान पर हुई थी जहां मनु शर्मा ने उसे और शराब न देने पर गोली मार दी. नशे में होने के बाद महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की न जाने की कितनी खबरें अखबार की सुर्खियां बनती रहती हैं. लगभग हर दिन नशे में धुत होकर अपराध करने या सड़क दुर्घटना करने की खबरें आती रहती हैं. अभी दो दिन पहले ही पंजाब के जीरकपुर में माडलों के साथ आयोजक ने नशे में धुत होकर दुर्व्यवहार किया. पंजाब की एक आई०ए०एस० अधिकारी के साथ एक आई०पी०एस० अधिकारी ने लगभग ऐसे ही माहौल में दुर्व्यवहार किया जिसमें लम्बी कानूनी लड़ाई चली. बेशक युवक-युवतियों का साथ घूमना अपराध नहीं है और मात्र इस कारण से कोई भी उन्हें उंगली नहीं लगा सकता. लेकिन इस तरह के मदिरालयों को अवश्य बन्द करना चाहिये.

Comments