चमचे का महत्व

कुछ दिनों पहले यूँ ही कुछ लिख लिया था, दूसरे ब्लॉग पर पोस्ट भी किया था, एक बार फिर।

बन्धु चमचा राखिये, बिन चमचा सब सून
चमचा गर नहि मिल सके, ले लें इक स्पून
ले लें एक स्पून, काम जो चमचा आवे
लगा लीजिये शर्त, नहीं दूजा कर पावे
कर दानव कविराय, कढाई, थाली, कढछा
रह जाते सब नीचे, मुंह तक जाता चमचा ।

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