सांसद की पिटाई

मध्य प्रदेश में भाजपा के एक सांसद श्री वीरेन्द्र कुमार की पिटाई पुलिस के जवानों ने की, जिसे टेलीविजन पर प्रसारित किया गया, हालाँकि इसके साथ पुलिस के अधिकारी के साथ हुई उनकी गरमा-गर्मी को भी दिखाया गया, इस झड़प के बाद सांसद महोदय पर जिस तरह से पुलिस वालों ने लाठियां भांजीं, उसे देखकर ऐसा लगा जैसे कि किसी जानवर को मारा जा रहा हो यदि सांसद महोदय के बात करने का ढंग पुलिस को इतना नागवार गुजरा तो देश के तमाम पुलिस वालों के साथ (अपवाद छोड़कर) ऐसा ही किया जाना चाहिए आम जनता के साथ गाली-गलौज करना तो पुलिस वालों को घुट्टी में पिलाया जाता है यदि एक सांसद ने खरी-खोटी सुना दी तो इतना बुरा लग गया कि उनकी जान लेने पर उतारू हो गए, कल्पना करके देखिये कि अगर एक सांसद को इस तरह पीटा जा सकता है तो आम आदमी के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता होगा इन पुलिस वालों के मुखिया को, जिसने वहां पीटने का आदेश दिया होगा, को अविलम्ब सेवा से बर्खास्त करने के बाद हत्या का मुकदमा अलग से चलाना चाहिए, जिससे कि ऐसे आचरण वाले पुलिस वालों को सही सबक मिल सके

Comments

  1. बहुत शर्मनाक घटना के प्रति आपने ब्लॉग पाठको का ध्यान आकर्षित किया यह बिना नाम का स्थान मेरे नगर से ७० किलोमीटर की दूरी पर स्तिथ है है और सास्न्साद महोदय ने मातृ जन प्रतिनिधि होने के नाते अपनी बात प्रशासन को कहने का साहस किया जिसकी परिणति इस रूप में हुयी है
    आपके आगमन के लिए धन्यबाद अपना आगमन नियमित बनाए रखे मेरी नई रचना "शेयर बाज़ार पढने हेतु आपको सादर अपने इष्ट मित्रों सहित आमंत्रण है

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  2. आम आदमी तो रोज पुलिस के हाथों पिटता है, और अक्सर जान से भी हाथ धो बैठता है. कभी-कभी किसी नेता को भी पिटना चाहिए. लालू प्रसाद और उन की रेल पुलिस ने एक मिसाल कायम की है.

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  3. मै आपसे सहमत हूँ. साथ ही यह भी बताना चाहूँगा कि जन प्रतिनिधियों को भी संयत व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए.

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