नितीश कटारा हत्याकांड के गवाह की गिरफ्तारी
अजय कटारा को आज गाजियाबाद पुलिस ने श्रीमती अंजुना यादव की इस शिकायत पर कि उनके पति श्री धर्मेन्द्र यादव का अपहरण करने की कोशिश अजय कटारा ने की, पर गिरफ्तार कर लिया. धर्मेन्द्र यादव को सांसद श्री डी पी यादव का भांजा बताया जाता है. स्मरण रहे कि श्री डी पी यादव के पुत्रों को इन्हीं अजय कटारा के बयानों के आधार पर नितीश कटारा की हत्या के आरोप में सजा हुई थी. इससे पहले एक स्टिंग ऑपरेशन के द्वारा भी अजय कटारा को झूठा बताने की कोशिश की गई थी. जैसा कि आज अजय कटारा ने कहा है कि यह उसे फंसाने की साजिश है और वह भी इसलिए कि उसने नितीश कटारा हत्याकांड में गवाही दी थी और कई बार धमकाने के बावजूद वह अपनी गवाही पर कायम रहा, इसलिए उसे प्रताड़ित करने के उद्देश्य से उसे फंसाया जा रहा है. इससे पहले भी बी एम डब्लू केस में सरकारी वकील श्री खान तथा अभियुक्त के वकील श्री आनंद की मिलीभगत जग-जाहिर हो चुकी है, इससे यह बिल्कुल स्पष्ट हो जाता है कि न्याय पाना बहुत कठिन हो चुका है. चूँकि यह मामले मीडिया कि सुर्खिओं में आ चुके थे, इसलिए इन मामलों में ज्यादा अंधेर नहीं हो पाया, हालाँकि इन मामलों में अभियुक्तों के पैरोकारों ने हमेशा मीडिया ट्राइल का नाम देकर केस को कमजोर करने और अपने पक्ष में प्रभावित करने की असफल कोशिश की. कम से कम अब ख़ुद न्यायपालिका को आगे आकर इस मामले की सी०बी० आई0 जांच कराना चाहिए जिससे कि स्थिति स्पष्ट हो सके, और यदि अजय कटारा का बयान सत्य पाया जाता है तो दोषी लोगों को ऐसी सजा देनी चाहिए जो एक मिसाल बने कि गवाहों को प्रताड़ित करने पर ऐसा भी हो सकता है, क्योंकि अधिकतर मामलों में गवाह की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, यदि वास्तव में अजय सच बोल रहा है और उसे फंसने से बचाया नहीं जा सका तो आने वाले समय में कोई भी व्यक्ति गवाही देना पसंद नहीं करेगा तथा यह स्थिति भारतीय न्यायिक व्यवस्था के लिए अत्यन्त कष्टप्रद स्थिति होगी.
Comments
Post a Comment