अफसर बना तस्कर
अफसर करने लगे जब नशे का कारोबार,
क्यों न हो फिर देश का अब फुल बंटाधार,
अब फुल बंटाधार दाग वर्दी पर डाला,
देखो तस्कर बना पुलिस का अफसर आला,
कह दानव कविराय सजा दीजिये निराली ,
खाने में दो कोकीन इन्हें भर-भर कर थाली।
क्यों न हो फिर देश का अब फुल बंटाधार,
अब फुल बंटाधार दाग वर्दी पर डाला,
देखो तस्कर बना पुलिस का अफसर आला,
कह दानव कविराय सजा दीजिये निराली ,
खाने में दो कोकीन इन्हें भर-भर कर थाली।
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