ब्लॉग को टॉप पर रखने का नायाब तरीका.
प्रिय ब्लॉगर बंधुओं, मेरे ब्लॉग को बहुत कम लोग देखते थे और मैं अन्दर ही अन्दर कुंठित रहने लगा था कि जब अन्य ब्लागरों के ब्लॉग प्रतिदिन बीस के हिसाब से पढ़े जा रहे हैं और पन्द्रह - सोलह टिप्पणियां आ रहीं हैं तो फिर मेरा ब्लॉग क्यों नहीं टिप्पन्याया जा रहा है। मुझे बड़ी दिक्कत होने लगी अब यहाँ ऐसा भी नहीं हो पता है कि मैं दूसरे ब्लॉगर की वाहवाही करूँ और वह मेरी, अगर आमने सामने होते तो बात और होती, अब क्या पता वह ब्लॉगर कहाँ बैठा है जिसके ब्लॉग पर मैंने बढ़िया टिप्पणी लिखी है, उसका हाथ पकड़कर अपने ब्लॉग पर टिप्पणी तो लिखवाई नहीं जा सकती। इसलिए मैंने एक नया तरीका निकाला अपने ब्लॉग को टॉप में रखने का, आशा करता हूँ कि आप भी इससे लाभान्वित होंगे।
१-सबसे पहले बीस पच्चीस ईमेल एड्रेस बनायें (क्योंकि बहुत सारे ब्लोग्स में ओपन यूज़र या गुमनाम द्वारा टिप्पणी देने की अनुमति नहीं होती) और गूगल अकाउंट में रजिस्टर कराएँ।
२-इसके उपरांत ब्लॉग एग्रीग्रेटर, जैसे ब्लोगवाणी, चिट्ठाजगत में अपने ब्लॉग (यदि आपने अपना ब्लॉग यहाँ रजिस्टर नहीं करा रखा है तो तुंरत कराएँ) पर जाकर पच्चीस तीस बार क्लिक करें। अब आपका ब्लॉग पढ़ने का काउंटर पच्चीस - तीस पर पहुँच जायेगा।
३-अपने ब्लॉग पर जाकर स्वयम अलग - अलग यूज़र से लाग-इन कर बीस पच्चीस टिप्पणियां दे दें।
आप पायेंगे कि आपका ब्लॉग टॉप पर पहुँच गया है। कैसा लगा मेरा आईडिया, टिप्पणी देना न भूलें।
१-सबसे पहले बीस पच्चीस ईमेल एड्रेस बनायें (क्योंकि बहुत सारे ब्लोग्स में ओपन यूज़र या गुमनाम द्वारा टिप्पणी देने की अनुमति नहीं होती) और गूगल अकाउंट में रजिस्टर कराएँ।
२-इसके उपरांत ब्लॉग एग्रीग्रेटर, जैसे ब्लोगवाणी, चिट्ठाजगत में अपने ब्लॉग (यदि आपने अपना ब्लॉग यहाँ रजिस्टर नहीं करा रखा है तो तुंरत कराएँ) पर जाकर पच्चीस तीस बार क्लिक करें। अब आपका ब्लॉग पढ़ने का काउंटर पच्चीस - तीस पर पहुँच जायेगा।
३-अपने ब्लॉग पर जाकर स्वयम अलग - अलग यूज़र से लाग-इन कर बीस पच्चीस टिप्पणियां दे दें।
आप पायेंगे कि आपका ब्लॉग टॉप पर पहुँच गया है। कैसा लगा मेरा आईडिया, टिप्पणी देना न भूलें।
हा हा हा आसान तरीका है। करके देखना पड़ेगा। आभार।
ReplyDeleteबहुत मेहनत का काम है। इससे बेहतर है बेहतर लिखा जाये और अन्य लिखने वालों को प्रोत्साहित किया जाये। अन्तत: केदिबिलिटी चलेगी? नहीं?!
ReplyDeleteआसान भी और मुश्किल भी ये तरीका। :)
ReplyDeleteज्ञान जी की बात भी सही है।
सार्थक लिखे ...अच्छा लिखे ..और पोस्ट कर दे ...:) फल की चिंता न करे :)
ReplyDeleteये है नंबर दो का रास्ता जो शातिर लोग जिंदगी में अपनाते हैं...इससे आप क्या खुश रह सकते हैं?
ReplyDeleteनीरज
is khat khat se accha ye hai ki aap tipanni do tipanni lo ..pyar do pyar lo ki tarha ...
ReplyDeleteबहुत ही मुश्किल काम इससे तो बेहतर अच्छा लिखो और फिर २० काउँटस पर भी खुश रहो। ना आए टिप्पठी फिर भी खुश रहो।
ReplyDeletethank you - sir ji what an idea
ReplyDeleteआप ने तरीका बताया या उस का कचूमर निकाल दिया। सब ऐसा करने लगे तो फिर हम सब से नीचे ही नजर आएँगे।
ReplyDeleteवह भाई अच्छा तरीका बताया अब जल्दी जल्दी अधिक टिपण्णी करने का सरल तरीका बताये.
ReplyDeletechha gaye gurujee bada hi dhansoo idea laye ho,kam se kam padh kar to maza aa gaya
ReplyDeleteआपके सपने में कौन आया था
ReplyDeleteयह भी बतलायें ।
लीव यूअर कमेंट के नीचे के कमेंट को निम्नानुसार संशोधित कर लें :-
मैंने अपनी बात अपने शब्दों और टिप्पणियों में बयान कर दी, आपको कैसी लगी, मुझे बतलाने की तकलीफ न करें, अपनी की गई टिप्पणियां पढ़ कर मुझे बेहद प्रसन्नता की प्राप्ति हो रही है।
निश्चित है कि जब पेड़ (पोस्ट) मेरा है तो फल (टिप्पणी) भी तो मेरे ही हुए न ?
अच्छा !!!
ReplyDeleteइतनी फुर्सत है लोगों के पास ? और ऐसा करके क्या मिल जाता है ?
ज्ञानजी की बात ही महत्वपूर्ण है।
वैसे हल्के में लूं तो बेहद पुराना और घिसापिटा आईडिया है आपका । धांसू कहकर मूर्ख बना रहे हैं लोग आपको:)
अविनाश वाचस्पति की टिप्पणी पसंद आयी. अब तो मुझे शक हो रहा है कि क्या मेरी यह टिप्पणी भी कहीं किसी कोमन-ईमेल से तो नहीं आयी है (Just kidding)
ReplyDeleteटिप्पणीकारों से बिल्कुल सहमत हूँ - तरीका अच्छा है पर क्या सच्चा है?
हम जैसे तो तब भी ऐसा न करें जब टॉप-ब्लॉग पर करोड़ों का इनाम हो.
भेद की बातें यहाँ मत खोल भाई,
ReplyDeleteऎसा हो तो रहा ही है..
पर, जो यह कर रहे हैं, अब उनको क्या बताना
और जिनको यह टीमझाम करना ही नहीं है, उनको बताने से लाभ ?
जहाँ भाड़े पर जयकारा लगाने वाले
रैली को सफल ( ? ) बनाने बनवाने वाले, और
अपना सम्मान समारोह प्रायोजित करवाने वाले हों
वहाँ ऎसी पाकेटमारी का क्या महत्व ?
आपके बाकी पोस्ट का तो पता नहीं.. पर ये तो खुश करने वाली बात है... आज पता चला की शोभा जी, gyan ji, mamata ji, neeraj ji........ के नाम से आप हि लिखते है और आप ही टीप्पीयाते है...:)
ReplyDelete'wow wt a great idea, pehle kyun nahee btaya han???"
ReplyDeleteREgards