जी हां, बिल्कुल ठीक पढ़ रहे हैं आप. यह घटना करीब बीस दिन पहले की है. मेरे एक मित्र प्रशासनिक अधिकारी हैं, जूनियर रैंक पर, दुर्भाग्य से ईमानदार जीव हैं और अभी भी सरवाइव कर रहे हैं. एक जिले की तहसील में तैनात हैं, जहां बाढ़ आई हुई है. इस विभीषिका में कई लोग मारे जा चुके हैं, उनके घर-बार बाढ़ के पानी में बह चुके हैं. बेघरो-बार, बेसरो-सामान लोगों की मदद का इजहार भी किया जा रहा है आश्वासन देने के साथ. जहां वे तैनात हैं वहां भी बाढ़ ने प्रकोप दिखाना प्रारम्भ कर दिया. आज मुलाकात हुई तो मैंने उनसे इस बारे में पूछ लिया. एक बड़ी सी गाली देकर फट पड़े. " बीस हजार का चेक दिया गया कि राहत का काम प्रारम्भ कराइये, थोड़ी देर बाद ऊपर से एक फोन आ गया कि चेक कैश कराने के बाद फिफ्टी परसेन्ट भिजवा दीजिये."
कई मित्रों ने बताया कि मेरा ब्लाग खोलने की कोशिश करने में मैलवेयर की वार्निंग आती है. मैंने एक-एक कर सारे विजेट्स हटाकर देखने की कोशिश की कि किस गैजेट में मैलवेयर है. मैलवेयर तो नहीं मिला अलबत्ता ब्लाग रोल गायब हो गया. मैंने सुरक्षित की हुई टेम्पलेट को अपलोड कर री-स्टोर करने का प्रयत्न किया लेकिन ब्लाग रोल फिर भी वापस नहीं आया. क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे मैं अपना ब्लागरोल वापस पा सकूं...
इस मृतप्राय स्थिति हेतु सबसे पहले क्षमा कीजिये, क्योंकि मेरा मानना है कि कोई व्यक्ति जो पढ़ना लिखना जानता है और इसके बावजूद पढ़ता नहीं तो वह मृतप्राय ही है. 24 जुलाई से 31 जुलाई तक पढ़ूंगा तथा कुछ लिखने की भी चेष्टा करूंगा. अपने प्रिय ब्लागों पर टिप्पणियां अवश्य करूंगा. फिर सम्भवत: बीस बाईस दिनों का ब्रेक और फिर यूंही. शायद यह प्रक्रिया कुछ महीनों तक जारी रह सकती है. कुछ बातों पर मुझे राह दिखाने की कृपा करें. १.पहला यह कि नेट बुक कौन सी ली जाये. Samsung की 14600- में उपलब्ध है. २.लखनऊ से बलिया तक के इलाके के लिये कौन सा कनेक्शन अच्छा रहेगा. टाटा फोटान, रिलायन्स नेटकनेक्ट या फिर कोई अन्य. ३.मोबाइल को कम्प्य़ूटर से जोड़कर सर्फिंग करना उचित रहेगा अथवा नहीं. अब एक पुस्तक के बारे में - मैंने विगत दिनों डा०अमृत लाल नागर का लिखा हुआ उपन्यास "मानस का हंस" पढ़ा. उपन्यास गोस्वामी तुलसीदास की जीवनी पर आधारित है. लेकिन गोस्वामी तुलसीदास जी की जीवनी को इतने रोचक ढ़ंग से डा०अमृत लाल नागर के अलावा शायद ही कोई दूसरा लेखक लिख पाता. नागर साहब ने इस उपन्यास के जरिये गोस्वामी जी को पाठक की आंखों के साम...
achcha hai...
ReplyDeletebehtrine rachana.
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