क्या हो गया है इन मीडिया वालों को ?? क्यों पड़ गए हैं सुब्बा जी के पीछे???
हे ईश्वर क्या हो गया है इन मीडिया वालों को? अब बेचारे सुब्बा जी के पीछे पड़ गए कि सुब्बा जी यहाँ पैदा नहीं हुए, ऊपर से सीबीआई ने कोर्ट में कह दिया कि उनके द्वारा लगाये गए तमाम कागजात नकली हैं. इससे क्या फर्क पड़ता है कि कौन कहाँ पैदा हुआ, यहाँ हुआ या नेपाल हुआ, कहीं न कहीं तो पैदा होना ही था. कल को लोग कहने लगेंगे कि भाई तू अस्पताल में पैदा क्यों न हुआ या फिर अस्पताल में हुआ तो फलां अस्पताल में क्यों न हुआ और अगर फलां में हुआ तो फलां टाइम पर क्यों न हुआ. तो बात हो रही थी पैदा होने की, यहाँ के लोगों की फितरत ही कुछ ऐसी है कि पैदा होने को लेकर खाम-खां शोर मचाने लगते हैं, बेचारी सोनिया जी को भी इन्हीं लोगों के कारण त्याग करना पड़ा नहीं तो आज सोनिया जी प्रधानमंत्री की गद्दी को सुशोभित कर रही होतीं. सुब्बा जी के विरोधियों की यह साजिश है. बेचारे दो बार विधायक और तीन बार ही सांसद बन पाये थे कि यार लोगों ने बवाल मचा दिया. अब मजदूरी करना, लाटरी से पैसा कमाना, ठेकेदारी करना कोई गुनाह है क्या. इतने बांग्लादेशी आ गए, पाकिस्तान से लोग मैच देखने आए, यहीं रह गए, उनके लिए कोई कुछ नहीं कहता, बेचारे सुब्बा जी सांसद क्या बन गए, लग गए सब उनके पीछे. ऐसा कर यह लोग हमारे वेदों को भी ग़लत सिद्ध करने की कोशिश कर रहे हैं. अब वसुधैव कुटुम्बकम को भी ग़लत सिद्ध किया जा रहा है. सुब्बा जी ने यदि भारत की वसुधा के लोगों को कुटुंब और रहने वालों को भाई न समझा होता तो वे यहाँ क्यों आते, एक तो उन्होंने हमारे वसुधैव .... के नारे को आगे बढाया और लोगों ने उन्हीं को टांग दिया. इतनी छोटी सी बात को लोग खींच कर अदालत तक ले गए, अदालत के सामने रखते तो कोई और मामला रखते. लोगों को और कोई काम है कि नहीं जब देखो तब गडे मुर्दे उखाड़ते रहते हैं. इतने सालों सुब्बाजी ने देश की, प्रदेश की, पार्टी की, अपने मिलने जुलने वालों की, अपने नाते रिश्तेदारों की सेवा की या नहीं. उससे कोई लेना देना नहीं. सुब्बा जी की सेवाओं का यही सिला दिया. अरे अगर उन्होंने वतन भी छोड़ा तो किसके लिए. तुम्हारे लिए और फिर भी इतनी अहसान-फरामोशी. अतिथि देवो भव: की परम्परा तक भूल गए. इसलिए अब सब कुछ भूल जाओ और सुब्बा जी देवो भव: याद रखो.
sateek aur karara prahar hai vyawastha par.badhai aapko tikhi kalam ki
ReplyDeletesateek aur karara prahar hai vyawastha par.badhai aapko tikhi kalam ki
ReplyDeleteऐसे दो चार अतिथि और आ गए तो बना देंगे देश को हत्यारों की शरण-स्थली.
ReplyDeleteBeshak.........
ReplyDeletemain smart bhai se sahmat hoon...
हम भी सहमत है जी , वाम वाला सहमत नही है ये .:)
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